ए खूबसूरत हसीना,.
तू सिर्फ सवाल नहीं एक पहेली है,.
और जिसपे हम लाइन मारते हैं,.
वो तू नहीं तेरी सहेली है।
दोस्तो हम उन्हें मुड़ मुड़कर देखते रहे,.
और वो हमें मुड़-मुड़ कर देखते रहे,.
वो हमें हम उन्हें, वो हमें हम उन्हें,.
क्योंकि परीक्षा में न उन्हें कुछ आता था न हमे।
तेरे ग़म में तड़प कर मर जायेंगे,.
मर गए तो तेरा नाम ले जायेंगे,.
रिश्वत देकर तुझे भी बुलायेंगे,.
तुम ऊपर आओगे तो साथ बैठकर कुरकुरे खायेंगे।
अर्ज किया है….
खिड़की से झाँक के देखा तो रास्ते में कोई नहीं था,.
खिड़की से झाँक के देखा तो रास्ते में कोई नहीं था,.
वाह वाह… फिर रास्ते में जा कर देखा….
तो खिड़की पर कोई नहीं था।
जब दरवाजा खोलने गये तो चेहरे पर हसी थी,.
दरवाजा खोला तो आँखों में आँसू दिल में बेबसी थी,.
ज्यादा मत सोच पगले,.
मेरी ऊँगली दरवाजे में फंसी थी
